कवि मिलकर सावधान कर रहें दुनिया को : शिवनंदन

कवि मिलकर सावधान कर रहें दुनिया को : शिवनंदन


अंतराष्ट्रीय ऑनलाइन कवि सम्मलेन का बढ़ता प्रभाव 

नेपाल (शिवनंदन जायसवाल)। वैश्विक महामारी कोरोना से आज दुनिया जहांं संघर्ष कर रही है वहीं नेपाल के साहित्यकार ऑनलाइन वीडियो भोजपुरी कवि सम्मेलन आयोजित करके साहित्यकारों के समय का सृजनात्मक तरीका से उपयोग कर रहे हैंं। नेपाल के पांच नंबर प्रदेश रूपंदेही जिला मार्चवार से अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन भोजपुरी दर्शन कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन सप्ताह में तीन बार किया जा रहा है, इस क्रर मेें आज शाम मेेंं 5:00 से 6:00 बजे अंतर्रराष्ट्रीय भोजपुरी कवि सम्मेलन आयोजित की गयी। इसमें पटना से भागलपुर सन्मार्ग हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के संपादक सह कवि डॉक्टर विभुरंजन जायसवाल ने अपनी कविताओं से दर्शकों का मन मोह लिया। भारत (बिहार) के बेतिया जिला से कवि दीपू कुमार मोहित ने अपनी कविता से लोगों के मन को गुुदगुदा कर खूब तालियां बटोरी। वहीं नेपाल के साहित्यकारों ने भी काफी सराहना की। नेपाल से दो नंबर प्रदेश बारा  जिला कलैया से सुप्रसिद्ध भोजपुरी कवि राम प्रसाद साह, पांच नंबर प्रदेश बुटवल से शिव प्यासी, पांंच  नंबर प्रदेश से नवल परासी, पश्चिम जिला से रंगकर्मी और युवा साहित्यकार अनिल कुर्मी ने गीत पढ़कर  सम्मेलन में हिस्सा लिया और अपने कदमों से लोगों की मन को मोह लिया। इसी प्रकार काठमांडू से  सुप्रसिद्ध लोक कवि और साहित्यकार गोपाल ठाकुर ने अपने गीतों के माध्यम से नेपाल की राष्ट्रीयता को झलकाने का काम किया। इसी प्रकार भोजपुरी और हिंदी सिनेमा जगत के निर्देशक विजय प्रकाश मौर्य जो लखनऊ से सम्मेलन में जुड़े हुए थे उन्होंने सम्मेलन की काफी सराहना की और उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त पर यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण होता जा रहा है।  उक्त बातें उहोंने आज 10 वें आयोजन पर कही।
 इस वीडियो कवि सम्मेलन की अध्यक्षता नेपाल के सुप्रसिद्ध भोजपुरी साहित्यकार और युवा कवि शिवनंदन जायसवाल ने की। यह सम्मेलन संस्था द्वारा सप्ताह में तीन बार संचालित हो रहा है। हर मंगलवार,  बुधवार और शनिवार को सम्मेलन का आयोजन शाम 5:00 बजे से 6:00 बजे तक किया जाता है। इस सम्मेलन में नेपाल और भारत के राज्यों सहित कई अन्य मुल्कों से भी साहित्यकार जुड़कर अपनी रचनाओं से लाँक डाउन की पीड़ा को कम करने में लगे हैं। इसमें सुप्रसिद्ध भोजपुरी कवि, लेखक और साहित्यकारों ने अपनी-अपनी कविता, मुक्तक, गजल, शायरी व गीत के माध्यम से दर्शकों का मन मोह रहे हैं। यह सम्मेलन काफी लोकप्रिय बनता जा रहा है।  सम्मेलन से नेपाल के ही नहीं अपितु पूरे विश्व के 25 करोड़ भोजपुरी भाषियों के साहित्य, कला, इतिहास व संस्कृति को उर्जा मिल रही है और आज जहां सरकार लाँक डाउन कर आम जन के जान माल की रक्षा का प्रयास कर रही है। वहीं कवि मर्यादा और नियमों को पालन करते हुए ऑनलाइन कवि सम्मेलन द्वारा देश-दुनिया को बचाने के इंतजाम अपने शब्दों से कर रहे हैं।

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