अविद्युतिकृत गॉवों के लिए मुख्यमंत्री ने 3030.52 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण किया

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पटना। अधिवेशन भवन में आज राज्य के अविद्युतीकृत गांव के विद्युतीकरण यात्रा के समापन समारोह में भाग लेते हुये मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 3030.52 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाट्न एवं लोकार्पण रिमोट के जरिए किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग को इस कार्यक्रम के लिए सबसे पहले बधाई देता हूं । ऊर्जा के क्षेत्र में काफी कठिनाइयों के बावजूद बेहतरी लाने के लिए शुरू से निरंतर प्रयास किए गए और इसमें काफी प्रगति हुई। हमलोगों ने इसके लिए अनेक कदम उठाए। पहले बिहार राज्य बिजली बोर्ड था उसमें संरचनात्मक परिवर्तन करते हुए पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन एण्ड जेनरेशन कंपनियां बनायी गई। मुख्यंमत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2012 को मैंने कहा था कि बिजली में सुधार के लिए प्रयत्नशील हूं अगर इसमें सफल नहीं रहा तो वर्ष 2015 के चुनाव में वोट नहीं मांगेंगे। आज कितने ग्रिड सब स्टेशन बने हैं। बरौनी, कांटी के लिए काम किया गया है। नवीनगर में एन0टी0पी0सी0 के साथ प्लांट तैयार है। बाढ़ में एन0टी0पी0सी0 का विस्तारीकरण किया जा रहा है। चौसा में काम प्रारंभ हुआ है। हमलोग सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं। पीरपैंती और कजरा में सोलर प्लांट बनाया जाएगा। इस तरह बिजली की उपलब्धता बढ़ी है। हमलोग निजी क्षेत्र से भी बिजली ले रहे हैं। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का नेटवर्क बनाया गया। सात निश्चय के अंतर्गत हर घर तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की समीक्षा बैठक में हमारे विद्युत मंत्री और ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव जाते हैं और अपने राज्य में हो रही उपलब्धियों के बारे में बताते हैं। यह बहुत खुशी की बात है कि केंद्र सरकार ने हमारी योजना को सराहा है और इसका अनुकरण करते हुए सौभाग्य योजना की शुरुआत की है। हमलोगों ने अपने बजट में 1800 करोड़ रूपये से ज्यादा बिजली के क्षेत्र के लिए आवंटित किया था। केंद्र सरकार के इस योजना से हमलोगों को फायदा होगा। बिजली विभाग से मैं कहूंगा कि जो इसमें बचत होगा उसका उपयोग अन्य कामों में करें। आज जितनी योजनाओं का लोकार्पण हुआ है। उसमें ज्यादातर ग्रिड सब स्टेशन और पॉवर सब स्टेशन हैं। इससे निश्चित रुप से विद्युत क्षमता में वृद्धि होगी। बिहार में ब्लॉक का साईज हर तरह का है। उसको ध्यान में रखकर आबादी के हिसाब से और ज्यादा सब स्टेशन बन रहे हैं। हर प्रकार की तैयारी की जा रही है। हमलोग एक्जिक्यूट कर के दिखा रहे हैं। जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का काम बहुत बेहतर ढंग से हुआ है। बिलिंग का काम भी बेहतर हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कहा था कि जो बिजली की दर तय करने वाली रेग्युलेटरी अथॉरिटी है,उसके पास जीरो सब्सिडी पर इसका प्रस्ताव रखा जाय, नई बिलें नये दर पर आयेंगी, हम सब्सिडी देंगे उपभोक्ता को, उन्हें जब सब्सिडी मिलेगा तो उनको पता चल जाएगा कि राज्य सरकार उनको कितना सब्सिडी दे रही है। साथ ही दोनों डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को भी यह पता चलेगा कि उनकी इफीशिएंसी में कमी के कारण हमलोगों को कितना पैसा देना पड़ता है। जब लोगों को यह सब मालूम होगा तो वे बिजली का दुरुपयोग कम करेंगे। उनमें नैतिकता की भावना जगेगी और अच्छी सोच विकसित होगी। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां अपने इफीशिएंसी को कैसे बढ़ाएं, इसके लिए काम करेंगी। उन्होंने कहा कि बिजली कम्पनी टाइम पर और उचित बिल दें, इससे फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक शिकायत निवारण कानून के तहत बिलिंग में करीब 14 से 15 हजार शिकायतों में का निपटारा हुआ है। लोग संतुष्ट हुए हैं। स्पॉट बिलिंग के नए तरीके अपनाने से समय पर बिलिंग होगी, इससे भुगतान में वृद्धि होगी और कंपनी का घाटा कम होगा। हमारी सरकार कंपनी को सहायता राशि देती है और उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि ताकि बिजली के क्षेत्र में बेहतरी आए, बिजली आपूर्ति निर्बाध गति से मिलती रहे और दोनों कंपनी लाभ की कंपनी बने। उन्होंने कहा कि जो गांव के टोले बच गए हैं, उसे मई तक बिजली विभाग ने विद्युतीकरण करने का लक्ष्य रखा है, इसे समय पर पूरा करें। 31 दिसंबर 2018 तक जो बिजली का कनेक्शन लेने के इच्छुक व्यक्ति होंगे, उन्हें बिजली कनेक्षन उपलब्ध करा दी जायेगी, हर घर तक बिजली उपलब्ध करा दें। उन्होने कहा कि पॉवर सब स्टेशनों के निर्माण से बिजली आपूर्ति का लोड कम होगा, जिससे बिजली की आपूर्ति की गुणवत्ता अच्छी होगी और आपूर्ति भी बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष जनवरी महीने में सर्वंशदानी श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का 350वां प्रकाश पर्व मनाया गया। उसमें भी बिजली निर्बाध रूप से उपलब्ध रही। शुकराना समारोह और 351वां प्रकाश पर्व में बिजली आपूर्ति की बहुत बेहतर व्यवस्था होने की वजह से समारोह काफी सफल रहा। बिजली निर्बाध रूप से उपलब्ध रही इसे बाहर से आए श्रद्धालुओं ने महसूस किया और इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद आपलोगों को जरुर मिलेगा। केंद्र सरकार के बिजली विभाग के सचिव श्री अजय भल्ला को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसमें हिस्सा लेने के लिए मुख्यमंत्री ने धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने दो इनिसिएटिव लिए हैं। एक हर घर में बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराना और दूसरा जीरो सब्सिडी का प्रस्ताव ऑथरिटी के पास भेजना। ऊर्जा विभाग से मैं एक और निवेदन करना चाहता हूं कि जिन चीजों का शिलान्यास कराया गया है, उसे समय पर पूरा कर लें। एक बात और मैं कहना चाहता हूं कि बिजली ट्रांसफार्मर का जो पिलर है, उस पर बोर्ड लगाकर उस पर पुलिस और मद्य निषेध विभाग का नंबर जरुर अंकित करवा दें और आकर्षक ढंग के कुछ स्लोगन भी लिखवाएं, जिससे लोगों का उस पर ध्यान जाए ताकि जो गड़बड़ करें उसकी सूचना फोन नंबर कोई भी दे सके। उन्होंने कहा कि समाज सुधार के क्षेत्र में जो हमलोग अभियान चला रहे हैं उसमें आपके विभाग का बहुत बड़ा योगदान माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 समाप्ति पर है, नए साल के आगमन पर आप सभी लोगों को शुभकामना देता हूं।

आयोजित कार्यक्रम में राज्य में विद्युतीकरण यात्रा पर एक लघु फिल्म भी दिखाया गया। इस अवसर पर ऊर्जा, मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव, भारत सरकार में ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अजय भल्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त श्री शिशिर कुमार सिन्हा, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, साउथ बिहार डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री आर0 लक्ष्मणन सहित बिजली विभाग के अन्य वरीय अधिकारी एवं अभियंतागण उपस्थित थे।

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