समाज सुधार के बिना विकास संभव नहीं: मुख्यमंत्री

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पटना। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के दूसरे चरण के पहले दिन जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड स्थित काला ग्राम के वार्ड संख्या-1 का भ्रमण कर सात निश्चय एवं अन्य सरकारी योजनाओं के तहत चल रहे विकासात्मक कार्यों का जायजा लिया। प्लस टू उच्च विद्यालय जिनहारा प्रांगण सभा स्थल पर बने हेलीपैड पर पहुँचने के बाद जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ता और माला भेंट कर अभिनंदन किया।

हेलीपैड से सीधे मुख्यमंत्री काला ग्राम स्थित राम जानकी मंदिर प्रांगण में पहुँचें। जहाँ मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के तहत निर्मित 10.805 लाख रुपये की लागत से 5.000 लीटर क्षमता वाले विद्युत चालित मिनी पाइप जलापूर्ति योजना का रिबन काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया और मंदिर प्रांगण में ही वृक्षारोपण किया। इसके बाद गांव भ्रमण के क्रम में ग्रामवासी माटो मांझी, मनोज भुईया, जीविका दीदी सोमा देवी सहित अन्य लोगों के दरवाजे पर जाकर सात निश्चय की योजनाओं के तहत हर घर नल का जल, शौचालय निर्माण,बिजली कनेक्शन, नाली-गली पक्कीकरण जैसी अन्य मिलने वाली सुविधाओं एवं सरकारी योजनाओं के माध्यम से जारी विकासात्मक कार्यों की जानकारी ली। गांव भ्रमण के क्रम में दो कुँओं को भी मुख्यमंत्री ने करीब से देखा और उसकी स्थिति से अवगत हुए। काला गाँव के बाहर विभिन्न स्कूलों के स्कूली बच्चों ने सड़क किनारे श्रृंखला बनाकर बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा छेड़े गए सशक्त अभियान का हाथों में बैनर और तख्ती लेकर समर्थन किया। रामजानकी मन्दिर के पास गाजे-बाजे के साथ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। मंदिर प्रांगण में ही कस्तूरबा विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने नृत्य के जरिये मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया, मुख्यमंत्री ने कस्तूरबा विद्यालय के बच्चों के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।

गाँव भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री जनसभा स्थल पहुँचें, जहाँ पुष्प मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया गया। जमुई जिलाधिकारी ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 495 करोड़ रूपये की 645 योजनाओं का उद्घाटन (शिलान्यास) किया जिनमें 520 योजनाओं का उद्घाटन जिसकी कुल लागत राशि 248 करोड़ रूपये है तथा 323 योजनाओं का शिलान्यास किया जिसकी कुल लागत राशि 247 करोड़ है। इस अवसर पर जमुई जिले के विकासात्मक कार्यों एवं स्वच्छता से संबंधित पुस्तिका का विमोचन भी मुख्यमंत्री ने किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब इतनी तादाद में इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए हैं, इसके लिए आप सबको धन्यवाद और हृदय से अभिनंदन करता हुं। उन्होंने कहा कि हमने विकास यात्रा के सिलसिले में भी जमुई जिले का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि काला ग्राम के वार्ड संख्या-1 का भ्रमण करके और वहां पर सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल, शौचालय निर्माण, बिजली कनेक्शन जैसी अन्य मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेकर आपके बीच पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ पटना में बैठकर नहीं बल्कि क्षेत्रों में जाकर धरातल पर विकास कार्यों की समीक्षा करने की है और हम क्षेत्र में जाकर देखते भी हैं कि योजना का क्रियान्वयन किस प्रकार से हुआ है और उसे लागू करने में क्या कठिनाई आई या उसका क्या प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में घूमने से लोगों से मिलने, बहुत कुछ सुनने और सीखने के साथ-साथ बहुत चीजों का एहसास होता है। उन्होंने कहा कि यहां के नौजवानों ने शिक्षा में सुधार को लेकर कुछ  सुझाव दिये हैं, इससे संबंधित कागज भी दिए हैं, यह बहुत अच्छी बात है लेकिन इसके लिए लोक संवाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। इसमें आकर इस तरह का लोग सुझाव दें तो बेहतर होगा। वहां सभी विभागों के मंत्री मौजूद रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संवाद कार्यक्रम के पहले जनता के दरबार में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होता था, जो करीब 10 वर्षों तक चला और उससे मिले अनुभव के आधार पर लोक शिकायत निवारण कानून बनाकर उसे लागू किया गया, जिसके तहत अब तक दो लाख से ज्यादा शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्ष 2011 से मद्य निषेध दिवस मनाया जाता है और जो गांव शराब से मुक्त होता था, उसे पुरस्कृत किया जाता था। इसके साथ ही मद्य निषेध दिवस के मौके पर विद्यालयों में चित्रकारी, पेंटिंग प्रतियोगिता और अन्य तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होता रहा है और इसमें अच्छा करने वाले बच्चे को पुरस्कृत भी किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 जुलाई 2015 को पटना में महिला विकास निगम द्वारा महिलाओं का एक सम्मेलन आयोजित था, जिसमें मैं अपना भाषण समाप्त कर बैठा ही था कि पीछे महिलाओं ने आवाज दी कि शराबबंदी लागू कीजिये। मैंने पुनः माइक पर आकर कहा कि अगली बार सता में आऊॅगा तो शराबबंदी लागू करूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब बंद करने का विचार मेरे मन में काफी पहले से था लेकिन इसको लेकर कई सवाल भी उठते थे जिस को लेकर मेरे मन के अंदर द्वंद्व था कि शराबबंदी लागू करने से वह सफल होगा या नहीं। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं की तरफ से शराबबंदी को लेकर आवाज बुलंद हुई तब चंद मिनट में ही मेरे मन के अंदर का द्वंद्व मिट गया। जब सरकार बनी तो 1 अप्रैल से देशी शराब और 5 अप्रैल से विदेशी शराब बिहार में बंद कर पूर्ण शराबबंदी लागू की गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आवाज पर ही बिहार में शराबबंदी का फैसला लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संवाद कार्यक्रम में एक महिला अपना सुझाव देने पहुँची तो उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी कर आपने अच्छा कदम उठाया है लेकिन दहेज प्रथा के खिलाफ भी सशक्त अभियान चलना चाहिए, जिसके बाद हमने इसकी चर्चा सरकारी तंत्र में और अनेक लोगों से की और महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष के मौके पर 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ सशक्त अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में विश्वास यात्रा के क्रम में जब हम खैरा पहुचे तो वहां के लोगों ने फ्लोराइडयुक्त पानी पीने से कई प्रकार की होने वाली बीमारियों की शिकायत की, जिसके बाद उस पर काम शुरू हुआ लेकिन बीच में वन पर्यावरण से क्लियरेंस को लेकर कुछ कठिनाई आई और अंततोगत्वा काम पूरा हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्लोराइडमुक्त जलापूर्ति योजना का उद्घाटन करने के मौके पर आयोजित सभा के सम्बोधन के क्रम में दहेज प्रथा के खिलाफ मैंने आवाज बुलंद की, तब लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से इसका पुरजोर समर्थन किया, तब हमने तय किया इसके खिलाफ भी अभियान चलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दहेज प्रथा और बाल विवाह दोनों एक दूसरे से जुड़ा हुआ है क्योंकि दहेज देने के डर से गरीब और निर्धन परिवार के लोग अपनी बेटी की शादी कम उम्र में ही कर देते हैं ताकि दहेज नहीं देना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह का दुष्परिणाम यह है कि कम उम्र में मां बनने से महिलाएं मौत की शिकार हो जाती हैं या जो बच्चे पैदा होते हैं, वे कई बीमारियों से ग्रसित होते हैं, वे या तो बौनेपन के शिकार होते हैं या फिर मानसिक बीमारी से जूझते हुए पाए जाते हैं। लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हर लोग एक संकल्प ले लें कि जिस परिवार में दहेज लेकर शादी हो रही है, उसके विवाह समारोह में सम्मिलित नहीं होंगे। अगर आप ऐसा करते हैं तो दहेज लेने वाले अलग-थलग पड़ जायेंगे।

महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सौ साल पहले बापू चंपारण की धरती पर आए और निलहों के अत्याचार से स्थानीय लोगों को मुक्ति दिलाई। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने लोगों की बातें सुनकर उन्हें नोट करना शुरू किया, जिसका इतना ज्यादा असर हुआ कि अंग्रेजी हुकूमत को कानून बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी नहीं होनी चाहिए अगर इस पर रोक लग जाए और समाज से दहेज प्रथा की समाप्ति हो जाए तो यह समाज सुधार की दिशा में एक बहुत बड़ा काम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय के साथ विकास हमारा संकल्प है और बिहार में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली जैसे अनेक क्षेत्रों में काम हुआ है लेकिन जब तक बाल विवाह दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाज से खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक इन विकास कार्यों का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय योजना के तहत हमने कोई काम नहीं छोड़ा है, चाहे वह हर घर नल का जल हो, हर घर बिजली आपूर्ति, हर घर शौचालय निर्माण, नाली-गली पक्कीकरण सहित जो बुनियादी सुविधाएं हैं, वह लोगों तक पहुंचाने की कोशिश इस योजना के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को पीने का स्वच्छ पानी और खुले में शौच से मुक्ति मिल जाए तो 90 प्रतिशत बीमारियों से उन्हें छुटकारा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 तक हर घर तक बिजली पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि तीसरे कृषि रोड मैप पर भी काम जोर-शोर से जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के किसी भी कोने से पटना पहुंचने के लिए पहले 6 घंटे का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे प्राप्त कर लेने के बाद अब उस लक्ष्य को घटाकर 5 घंटे कर दिया गया है। अब बिहार के सुदूरवर्ती इलाके से लोग 5 घंटे में पटना पहुंच सके, इसके लिए बड़े पैमाने पर पुल पुलिया और सड़क निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि हर गांव और टोला को पक्की सड़क से जोड़ने की योजना है और टोलों को जोड़ने के लिए टोला संपर्क निश्चय योजना की शुरुआत की गई है ताकि सभी टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार के बिना विकास संभव नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने कार्यभार संभाला था, तब 12.5 प्रतिशत बच्चे स्कूलों से बाहर थे और उसका सर्वेक्षण भी हमने 2006 के फरवरी माह में कराया था। इसकी रिपोर्ट भी आई थी, जिसको देखते हुए बड़ी संख्या में स्कूलों का निर्माण, शिक्षकों का नियोजन, क्लास रूम का निर्माण, पोशाक योजना, साइकिल योजना, शिक्षक बहाली में महिलाओं को आरक्षण जैसे अन्य कई कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि साइकिल योजना का परिणाम आज सामने है कि जहां 2007-08 में लड़कियों की संख्या 9वीं क्लास में एक लाख 70 हजार थी, जो आज बढ़कर 9 लाख 43 हजार पहुंच गया है, यह एक बड़ा परिवर्तन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्लस टू विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंने जब कार्यभार संभाला था उस समय प्रजनन दर 3.9 था, जो अब घटकर 3.2 हो गया है। उन्होंने कहा कि देश भर में यह पाया गया कि जो विवाहित लड़कियां मैट्रिक पास कर चुकी हैं, उनका प्रजनन दर राष्ट्रीय औसत दो है और बिहार में भी दो है। वहीं प्लस टू पास करने वाली लड़कियों का देश में औसत प्रजनन दर 1.7 था, जबकि बिहार में 1.6 है। उसी को देख कर प्रत्येक पंचायत में प्लस टू विद्यालय खोलने का फैसला लिया गया है ताकि प्रजनन दर देश के औसत के बराबर या उससे कम हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा हासिल करने वालों की संख्या बिहार में 13.9 प्रतिशत है जिसे 30 से 35 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इसके लिए स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत विद्यार्थियों को चार लाख रूपय का ऋण मुहैया कराने का प्रावधान किया गया है। साथ ही स्वयं सहायता भत्ता, कुशल युवा कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ब्लॉक में 240 घंटे की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिला में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज,जी0एन0एम0 स्कूल,  महिला आई0टी0आई0 और सब डिवीजन में ए0एन0एम0 स्कूल और आई0टी0आई0 की स्थापना की जा रही है। विभिन्न विभागों एवं जिला प्रशासन को बड़े पैमाने पर हुए उद्घाटन और शिलान्यास के लिए बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी खुशी हुई जमुई जिले के सदर प्रखंड अमरनाथ गांव में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना होगी, जिसका आज शिलान्यास हुआ है। उन्होंने कहा कि विकास यात्रा में महिला महाविद्यालय की मांग उठाई गई थी, जिसको लेकर प्रस्ताव आगे बढ़ रहा है लेकिन हम अलग से नहीं बल्कि लड़की और लड़के को एक साथ पढ़ाने के पक्षधर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गाँव का विद्युतीकरण हो गया है और जो टोले शेष बचे हैं, वहाँ भी अप्रैल 2018 तक बिजली पहुँचाने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों ने वादा किया है। उन्होंने कहा कि पहले जहां 17 प्रतिशत तक नमी वाले ही धान की अधिप्राप्ति हुआ करती थी, बार-बार आग्रह के बाद अब केंद्र सरकार ने इसे मान लिया है और अब 19 प्रतिशत तक नमी वाले धान की अधिप्राप्ति पूरे बिहार में की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जिसे हम छोड़ते हैं या वह अछूता रहता है।

पूर्ण शराबबंदी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ कानून से नहीं बल्कि सभी लोगों की सजगता और जागरूकता से ही यह कामयाब होगा। उन्होंने कहा कि जो दो नम्बरी, शराब का अवैध धंधा, घूस देकर सरकारी तंत्र का मदद लेकर इस काम को करने में जुटे हैं, उसकी सूचना देकर उसे पकड़वाने में हर किसी को मदद करने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी जगह बिजली के ट्रांसफर्मर के खम्भे पर पुलिस और मद्य निषेध विभाग का टेलीफोन नम्बर लिखा हुआ बोर्ड लगाया जाएगा ताकि आप अपने मोबाइल फोन से उस नम्बर पर सूचना दे सकं            ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार मानव श्रृंखला में 4 करोड़ लोगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराई थी और मुझे पूरा यकीन है कि इस बार शराबबंदी, नशामुक्ति के साथ-साथ बाल विवाह और दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर बनने वाली मानव श्रृंखला में पिछली बार से भी ज्यादा लोग सम्मिलित होंगे। जनसभा में मौजूद लोगों को मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए संकल्प दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सूर्य के समक्ष हाथ उठायें हैं जिन पर सृष्टि निर्भर है इसलिए मानव श्रृंखला में शामिल होकर अपनी मनोभावना का प्रकटीकरण जरूर कीजियेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं।

जनसभा को गन्ना उद्योग मंत्री सह जमुई जिले के प्रभारी मंत्री श्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, झाझा विधायक रविन्द्र यादव, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक पी0के0 ठाकुर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री दामोदर राउत, पूर्व विधायक अजय प्रकाश, जदयू नेता प्रगति मेहता, जदयू जिलाध्यक्ष

शिवशंकर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भाष्कर सिंह, लक्ष्मीपुर प्रखण्ड प्रमुख, काला पंचायत की मुखिया, प्रधान सचिव कृषि सह प्रभारी सचिव जमुई सुधीर कुमार, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, सचिव ग्रामीण विकास अरविंद चौधरी, सचिव ग्रामीण कार्य एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, आयुक्त मुंगेर प्रमण्डल श्री राजेश कुमार, पुलिस महानिरीक्षक सुशील खोपड़े, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधिकारी जमुई कौशल किशोर, पुलिस अधीक्षक जयंत कांत सहित अन्य वरीय अधिकारी, जीविका की दीदीयॉ, साक्षरता कर्मी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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