अंग क्षेत्र कीं उपेक्षा कब तक ?

Ang Chetra ki charcha
  • घारावाहिक-1

अंग की उपेक्षा तुम्हे जीने नहीं देगी

बिहार का सांस्कृतिक विरासत क्या केवल नालंदा है?विक्रमशिला से लेकर अंग की दुर्दशा,याद रखना तुम्हें जीने नही देगी।सृजन से मनरेगा तक तुम अपने सारे  लूट का कचरा फेंकने अंग चले आते हो। जब इसके हिस्से का हक देने का वक्त  आता है नालंदा चले जाते हो। क्या केवल नालंदा ही  बिहार है?

बिहार से कटा 20 वर्षों से भागलपुर एक टापू के रूप मे तब्दील है। सड़कें ऐसी हैं जिसमे तुम्हारे बेईमान और विकृत चेहरे साफ नजर आते हैं। पटना से नालंदा की ओर रुख करने वाली सभी सड़कें फोर लेन और मुंगेर और भागलपुर जाने वाली सड़कें सामान्य ढंग से चलने लायक भी नहीं। सैलानी विक्रमशीला की ओर रुख कर सके तुम इस लायक भी नही छोड़ा। दो आस पास का सटा दो प्रमंल मुंगेर और भागलपुर दो प्रमंडल मुख्यालय अंग प्रदेश की जुड़वा बहने हैं। इस पर सैलानियों की बसें  नही चले 20 वर्षों से तुमने दो जगहों पर रोक का बेरियर लगा के छोड़ दिया। लोगों को रोज पलटने वाले जोगार गाड़ी पर बेटी और बहुओं को सवार होने वाला राहगीर  बना दिया। तुम्हारा दावा है की तुम विकास पुत्र हो और सौ मीटर का भी पुल भी तुमसे बीस बरस मे नही बना। तुम्हारी सरकार रहते ही भागलपुर के विकास के हजारो करोड़ सृजन के नाम पर खंगाल लिया गया और तुम कहते हो पता ही नही चला। मुंगेर मनरेगा की लूट का श्रवण के जरिए पैसा कहां गया? तुमने छूट दी और लुटवाया। बचने का यह जोगार टेक्नोलॉजी कब तक काम आएगा? अंग जिस दिन अंगराई ले लिया तुम्हारा सारा जोगाड़ धरा का धरा रह जाएगा।

[12/01, 1:01 pm] ‪+91 79038 34097: दिनेश सिंह की कलम से.

Leave a Reply

Your email address will not be published.