निरंजन को फांसी की सजा

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सुल्तानगंज के चर्चित रेखा देवी और उनकी दो बेटियों की सामूहिक हत्या मामले में मंगलवार शाम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पांच) दीपांकर पांडे ने दोषी अभियुक्त निरंजन साह उर्फ अलखदेव को फांसी की सजा सुनाई। कहा फांसी के फंदे पर अभियुक्त को तबतक लटकाया जाए जबतक अभियुक्त की मृत्यु न हो जाए। यह वारदात जघन्य है।

फैसला सुनाते ही जज ने कलम तोड़ दी और उठकर चेंबर चले गए। कोर्ट ने 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के बालूघाट रोड स्थित कुशवाहा टोला में 23 जून, 2015 की रात स्व. अजय साह की पत्नी रेखा देवी और उसकी दो बेटियों कोमल कुमारी (17 वर्ष) और अंशु कुमारी (14 वर्ष) की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई थी। वर्ष 2013 में अजय साह की भी संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी।

इस मामले में रेखा देवी के भाई मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के काजीचक मोहल्ले के पंकज कुमार साह के बयान पर निरंजन कुमार साह और उसके भाई वीरेन्द्र कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया था लेकिन कोर्ट ने बीते गुरुवार को सुनवाई के दौरान बीरेन्द्र कुमार को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया था। सुल्तानगंज थाने के दारोगा व जांचकर्ता विनोद कुमार झा ने गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ 29 सितंबर, 2015 को कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित कर दिया था। कोर्ट ने ट्रायल शुरू करने के लिए 20 सितंबर, 2015 को आरोप का गठन किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वादी पंकज साह समेत 11 लोगों ने गवाही दी थी।

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