सत्ता पर हिटलर बैठा है

Hindi sahity

बात मन रही नौकरशाहों की
जनता दिनों दिन पिस रही
देखो कैसी बेबस होकर
भारत माता कपोल घिस रही
आलाकमान की फरमानें हैं
पता नहीं क्या कर बैठा है
सत्ता पर हिटलर बैठा है!

मंत्री-संतरी एक हो गए
पीठ सटाकर वही खड़े हैं
लूट-खसोट का राज चल रहा
जो विरोध में, वही पड़े हैं
लहूलुहान अब प्रजातंत्र है
जिस कुर्सी को धर बैठा है
सत्ता पर हिटलर बैठा है!

राजनीति निवालों पे बैठी
मुश्किल में हर कौर यहाँ है
भय जीता है साहस हारा
आम लोग की ठौर कहाँ है
क्या उम्मीद करें इस नर से
यह कैसा वानर बैठा है
सत्ता पर हिटलर बैठा है!

संस्कृति बर्बाद हो गई
विकृत हो गई उसकी काया
रामनारायण बदल गया है
बांका का जन-जन भरमाया
जनार्दनों की पौ-बारह है
भूमि सर्वस्व जो चर बैठा है
सत्ता पर हिटलर बैठा है!

आस थी जिस पर जनता को
प्रशासक वो निरंकुश हो गया
मंत्री अपनी जात में उलझा
कमा-कमाकर खुश तो हो गया
चौथे स्तम्भ को आय सूझता
हर पानी में मगर बैठा है
सत्ता पर हिटलर बैठा है!

धुंध पड़ी है डेग-डेग पर
रक्तपिपाशु हैं मौके में
सत्य मगर चिल्लाकर कहता
बोटी-बोटी है जिसकी चौके में
ढूंढ रही है जनता अब तो
ग़रीब-नवाज़ किधर बैठा है
सत्ता पर हिटलर बैठा है !

रवि उद्देश्य
इतिहास वेत्ता सह लेखक बौंसी बांका

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