ऊर्जा मंत्री ने बजट 2018 को अभूतपूर्व बताया

केन्द्रीय बजट विशेष 2018-19

ऊर्जा मंत्री ने बजट 2018 को अभूतपूर्व बताया, देश में ‘जीवन की आसानी’ और ‘व्यापार की आसानी’ को बढ़ावा
सरकार सबको 24 घंटे स्वच्छ और सस्ती बिजली प्रदान करने की लिए प्रतिबद्ध, अप्रैल 2019 तक हर घर को बिजली : श्री आर के सिंह
कुसुम योजना के तहत अन्य बातों के अलावा किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान की जाएगी, इसके तहत किसानों को अपनी बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के उपरांत उन्हें अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का विकल्प दिया जाएगा

दिल्ली। ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजकुमार सिंह ने अपने मंत्रालय के संबंध में बजट 2018 में किये गए प्रस्तावों के मद्देजनर मीडिया को संबोधित करते हुए बजट की सराहना की। उन्होंने देश में ‘जीवन की आसानी’ और ‘व्यापार की आसानी’ को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री को बधाई दी।

श्री सिंह ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत लागत से ढेड गुनी कीमत सुनिश्चित करने और 10 करोड़ गरीब परिवारों को स्वास्थ्य दायरे में लाने के लिए बजट 2018 को अभूतपूर्व बताया है।

ऊर्जा क्षेत्र की भावी दिशा के संबंध में श्री सिंह ने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि सबको 24 घंटे स्वच्छ और सस्ती बिजली प्रदान की जाए। इसे अनिवार्य बना दिया जाएगा और इसके संबंध में जल्द एक अधिनियम लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘सरकार सबको 24 घंटे स्वच्छ और सस्ती बिजली प्रदान करने की लिए प्रतिबद्ध है और अप्रैल 2019 तक हर घर को बिजली प्रदान की जाएगी। इसके तहत इस बजट में इस दिशा में जोर दिया गया है’।

बजट 2018 में किसानों के विषय में किए जाने वाले प्रावधानों का उल्लेख करते हुए श्री सिंह ने कहा कि बजट ने किसान आधारित योजनाओं में तेजी लाने का प्रस्ताव किया है।

कुसुम योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अन्य बातों के अलावा कुसुम योजना के तहत किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान की जाएगी। इसके तहत किसानों को अपनी बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के उपरांत उन्हें अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का विकल्प दिया जाएगा।

योजना के अन्य उद्देश्यों का हवाला देते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि योजना पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद उसके सकारात्मक नतीजे संभावित हैं, जिनका ब्यौरा इस प्रकार है –

  • विकेंद्रित सौर ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन
  • संप्रेषण नुकसान में कमी
  • कृषि क्षेत्र की सब्सिडी भार को कम करके बिजली वितरण कंपनियों को वित्तीय समर्थन
  • आरपीओ लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्यों को समर्थन
  • ऑफ ग्रिड और ग्रिड से जुड़े सौर जल पंपों के माध्यम से निश्चित जल संसाधन जुटा कर किसानों को जल सुरक्षा प्रदान करना
  • राज्य सिंचाई विभागों की सिंचाई क्षमता के उपयोग के लिए विश्वनीय रूप से ऊर्जा प्रदान करना
  • रूफ टफ तथा बड़े पार्कों के बीच माध्यमिक दायरे में सौर बिजली उत्पादन की रिक्तता को भरना।

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