बिहार के विकास में ललित बाबू के सपनों की भूमिका महत्वपूर्णः कुलपति

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दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा है, बिहार के विकास में ललित बाबू के सपनों की महत्वपूर्ण भूमिका है जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगे हुए है।

वे शुक्रवार को 96वें ललित जयन्ती के अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना में ललित बाबू की महत्वपूर्ण भूमिका थी लेकिन जिस उद्देश्य से इसकी स्थापना की गयी थी वह आज पूरा नही हो रहा है। वर्गो में छात्रों की उपस्थिति बहुत ही चिंताजनक है। इस पर समाज को चिंता करने की जरूरत है। जबतक छात्र वर्गों में उपस्थित नहीं होगे, सही ढंग से पठन पाठन नही होगा तब तक छात्रों का चहुमुखी विकास नही होगा ।जबतक सोच महान नहीं होगी तबतक व्यक्ति महान नहीं होगा। महान व्यक्ति सपना देखते हैं और अपने सपनों को सच करने का प्रयास करते हैं। कुछ बच जाते हैं उसे आनेवाली पीढ़ी पूरा करती हैं। ललित बाबु ने भी मिथिला, बिहार और देश के विकास के लिए सपना देखा और उसे पूरा करने का प्रयास किया और उसमें सफल भी हुए । वहीं जो उनका बिहार के विकास के लिए सपना था उसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरा करने में लगे हुए हैं ।जबतक ललित बाबू का सपना पूरा नहीं होगा बिहार का विकास नहीं होगा । ललित बाबू के सपनों को पूरा करने में यह विश्वविद्यालय भी अपनी भूमिका निभाएगा।

समारोह के विशिष्ट अतिथि कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. सी.पी. सिंह ने कहा कि ललित बाबू बाल्यकाल से कोशी की समस्या के प्रति जागरूक थे । उन्होंने उसी कड़ी में नेहरू जी को भी कोशी की समस्या के अवगत कराया था। 1954 में कोशी क्षेत्र को पुननिर्माण की योजना प्रारंभ कराया । उनका व्यक्तित्व राष्ट्रीय ही नही अन्र्तराष्ट्रीय स्तर का था । पूर्व विधायक एवं ललित बाबू के प्रौत्र  ऋषि कुमार मिश्र ने कहा कि ललित बाबू रिश्तों को महत्व देते थे। वे शानदार व्यक्तित्व के स्वामी थे। नीतीश कुमार ललित बाबू के सपनों को पूरा कर रहें है। उन्होंने कहा कि शिक्षक उदास रहेंगे तो शिक्षा का विकास नहीं होगा। आज साक्षर नहीं, शिक्षित होने की आवश्यकता है।

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. जय गोपाल ने कहा कि ललित बाबू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है उन्होंने सिर्फ मिथिला के ही नहीं देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। सिंडिकेट सदस्य प्रो  विनोद कुमार चैधरी ने कहा कि ललित बाबू सही अर्थो में समाज के जुड़ें हुए थे वे हर हमेशा लोगों की मदद करते थे। स्नातकोत्तर राजनीति शास्त्र विभाग के प्राध्यापक प्रो अनिल कुमार झा ने कहा कि गरीब गुरबे के प्रति उनके ह्दय में काफी दर्द था। उनका जीवन काफी संघर्षमय रहा था।

आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलसचिव डा. मुस्तफा कमाल अंसारी ने कहा कि ललित बाबू ने मिथिला के विकास में अहम भूमिका निभायी थी ।उन्होंने  अपने संघर्षमय जीवन से अपनी अलग पहचान बनायी थी।

धन्यवाद ज्ञापन डा. बैद्यनाथ चैधरी ‘बैजु’ ने किया ।वही मंच संचालन कुलानुशासक प्रो. अजय नाथ झा ने किया । इससे पूर्व परिसर स्थित सभी महापुरूषों के प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया ।

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