बिहार ने तम्बाकू नियंत्रण में लगायी लंबी छलांग

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तम्बाकू सेवन करने वालों में आई लगभग 50 प्रतिशत की कमी

 बिहार ने तम्बाकू नियंत्रण में देश में स्थापित किया एक बेंच मार्क, तम्बाकू का उपयोग 2010 में 53.5 प्रतिशत से घटकर पिछले 7 सालों में 2017 में 25.9 प्रतिशत हो गया- स्वास्थ्य मंत्री

वैष्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण ¼GATS-2½ के आंकड़ो के अनुसार बिहार में तम्बाकू सेवन में 27.6 प्रतिशत की आई कमी- स्वास्थ्य मंत्री

राज्य में धुआँ रहित तम्बाकू उत्पादों के प्रयोग की अधिकता को देखते हुए जर्दा एवं पान-मसाला की बिक्री को प्रतिबंधित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाएंगे, स्वास्थ्य मंत्री बिहार में तम्बाकू के उपयोग को कम करने

बिहार में तम्बाकू उपयोग में काफी कमी आई है तम्बाकू उपयोग के प्रशार को कम करने के लिए निरंतर प्रयास की आवश्यकता है- संजय कुमार, प्रधान सचिव

जीओ एनजीओ GO NGO के आपसी सहयोग ने एक बड़ा अंतर कायम किया है। अब बिहार तम्बाकू उत्पादों के उपयोग में भारी कमी कर दूसरे राज्यों को मजबूत संदेश देता है- दीपक मिश्रा, कार्यपालक निदेशक‘सीड्स’, 

पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे ने कहा कि हमें बिहार को तम्बाकू मुक्त प्रदेष बनाना है और इसमें हमें आप सभी का सहयोग चाहिए। राज्य सरकार तम्बाकू के खिलाफ जागरुकता अभियान को और अधिक बेहतर तरीके से क्रियान्वित करेगी, ताकि इसके दुष्परिणामों से लोग बचें और तम्बाकू मुक्त बिहार का सपना जल्द साकार हो। खुशी की बात है कि वैष्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (GATS-2) के अनुसार बिहार में तम्बाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों की संख्या में 27.6 प्रतिशत की कमी आई है। यह इस बात का साक्ष्य है कि लोग अब अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरुक हो रहे है और सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरुकता कार्यक्रम का लोगों पर असर हो रहा है।

श्री पाण्डे आज सूचना भवन, बेली रोड पटना में वैष्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (GATS-2) के आंकड़ो का विमोचन के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन राज्य तम्बाकू नियंत्रण कोषांग, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार एवं सोशियो इकोनोमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी, सीड्स के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

उन्होंने कहा कि बिहार में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु सभी जिलों में तम्बाकू के खिलाफ जागरुकता रथ जैसी कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी जिला प्रशासन के द्वारा राज्य में आयोजित सभी प्रकार के मेले एवं पूजा पण्डालों को धूम्रपान मुक्त घोषित किया जाता है, यह एक साकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि राज्य में धुआँ रहित चबाने वाले तम्बाकू उत्पादों के प्रयोग की अधिकता को देखते हुए जर्दा एवं पान-मसाला की बिक्री को प्रतिबंधित करने के लिए जल्द हीं ठोस कदम उठाए जाएँगे।

संजय कुमार प्रधान सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय बिहार ने कहा कि आज जारी GATS 2 2016-17 के आंकड़े के अनुसार बिहार में तम्बाकू का इस्तेमाल कम हुआ है, GATS 1 2009-10 के सर्वेक्षण में यह आंकड़ा 53.5 प्रतिशत था जो अब 25.9 प्रतिशत हो गया है। वहीं धूम्रपान करने वालों की संख्या में 9.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह बिहार में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के शुरुआत से चले रहे जीओ एनजीओ के परस्पर सहयोग को दर्शाता है। दूसरे परोसि राज्य भी इसकी नकल करने की कोशिस करता है। यह खुशी की बात है पर इसको जड़ से मिटाने की आवश्यकता है। उन्हौने कहा कि सरकार तम्बाकू नियंत्रण से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम चला रही है ताकि लोगों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में पता चले। उन्हौंने कहा कि तम्बाकू का उपयोग चाहे किसी भी रुप में किया जाय, वो हानिकारक है। इससे कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियां होने की संभावना रहती है। भारत में कैंसर से मरने वाले 100 रोगियों में 40 रोगी तम्बाकू सेवन के कारण मरते हैं, वहीं 90 प्रतिशत मुंह का कैंसर तम्बाकू सेवन के कारण होता है। हमारे देश में तम्बाकू का सेवन एक महामारी की तरह फैल रहा है। इसे समय रहते नहीं रोका गया तो इसके दुष्परिणाम काफी भयंकर होंगे।

सोशियो इकोनोमिक एन्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी, सीड्स के कार्यपालक निदेशक, दीपक मिश्रा ने कहा कि बिहार वैष्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (GATS-2) 2016-17 के आंकड़ो के अनुसार वयस्कों के बीच तम्बाकू का उपयोग काफी कम हो गया है।

वैष्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (GATS-2) 2016-17 के आंकड़ो के अनुसार बिहार में 14.2 प्रतिशत वयस्क धूम्रपान का उपयोग करते थे जो घटकर 5.1 प्रतिशत हो गया है, वहीं धूआँ-रहित तम्बाकू का उपयोग 48.7 से घटकर 23.5 प्रतिशत हो गया है। राज्य में खैनी और बीड़ी दो सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले तम्बाकू उत्पाद हैं। 20.4 प्रतिशत वयस्क खैनी एवं 4.2 प्रतिशत वयस्क बीड़ी धूम्रपान करते हैं। वैष्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (GATS-2) 2016-17 के आंकड़ो के अनुसार तम्बाकू के उपयोग की शुरुआत में औसत आयु में मामूली वृद्धि 18.9 की जगह 18.8 हो गया है जो चिंता का विषय है। इसको नियंत्रित करने के लिए शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भुमिका है।   

कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार अरुण कुमार झा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय बिहार सरकार के प्रधान सचिव संजय कुमार, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार लोकेश कुमार सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवीण सिन्हा, यूनियन नई दिल्ली के वरीय तकनीकी सलाहकार आशीष पाण्डे, राज्य नोडल पदाधिकारी अजय कुमार शाही, सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा एवं टाटा संस्थान के प्रतिनिधि डॉ0 टी सुन्दरमण सहित राज्य सरकार के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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