चंद्रबाबू नायडू 14 वें वित्त आयोग का दर्शन कर! मोदी के विरोध में लोगों को भड़का रहे हैं

Spesal Story

चंद्रबाबू नायडू ! ये शख्स आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्ज़ा दिलाना चाहता है. इसकी पार्टी का नाम है तेलगू देशम ! अपनी इस सनकी मांग की पूर्ति न होते देख इसने एनडीए से नाता तोड़ लिया है. विशेष राज्य के बारे में बता दें कि यह कई कारणों से संभव नहीं है. वैसे भी 14 वें वित्त आयोग ने विशेष राज्य का प्रावधान ही ख़त्म कर दिया है. यही नहीं औक़ात जानते हुए भी नायडू केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव भी लाने जा रहे हैं.
मैं क्षेत्रीय राजनीति को लोकतंत्र का आवश्यक पार्ट ही मानता हूँ लेकिन इधर क्षेत्रीय पार्टियों ने जिस तरह से ब्लैकमेल पॉलिटिक्स का श्री गणेश कर रखा है वह राजनीतिक स्थिरता के लिए तो घातक है ही यह देश की आम जनता को क्षेत्रीय आधार पर बांटने,उनमें नफ़रत की हद तक द्वेष बढ़ाने का भी काम कर रहा है. अब इसे विडंबना ही कहा जा सकता कि सब कुछ समझते हुए भी नायडू उस मूर्ख राजनीति को बल दे रहे हैं जो साफ़-साफ़ भारत की संघीय एकता को घायल करने वाली है. आप नेता हैं. नेतागीरी करें. दलाली नहीं.
यह सच है कि राजनीति के बग़ैर दुनिया का काम नहीं चलने वाला ! लोगों विशेष रूप से युवाओं को राजनीति का मर्म समझते हुए आगे आना चाहिए. लेकिन नायडू जैसों की राजनीति का क्या कहें जो लोगों को राजनीति से जोड़ने की जगह उनमें राजनीति के प्रति नफ़रत भाव और पैदा करती है.
लोग कह रहे हैं कि ये नायडू का वाईएसआर कांग्रेस को घेरने का ‘दांव’ है. शायद होगा भी. लेकिन मोदी सरकार को कमज़ोर करके उन्हें कुछ नहीं मिलने वाला. उस मोदी सरकार को जो राजनीति के माध्यम से सही माने में भारत को संप्रभु राष्ट्र बनाने के लिए प्रयासरत है.
दांव…वांव कुछ नहीं कुछ नेता नकारात्मक राजनीति की ‘आंव’ के शिकार हैं. होता-हवाता कुछ नहीं बस मरोड़ उठती रहती है उनके पेट में. नायडू जी ने भी उनमें अपना नाम लिखा लिया है. मोदी जी का जो होगा देखा जाएगा आइए राजनीति के इस टैक्नीकल भस्मासुर का स्वागत करें.

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