बिहार से लीक होकर झारखंड पहुंचा था 10th का पेपर, 15 अरेस्ट

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पटना। सी.बी.एस.ई. परीक्षा का प्रश्न पत्र बिहार से लीक होकर झारखंड पहुंचा था। पटना के दो छात्रों ने चतरा के एक छात्र को 27 मार्च की रात व्हाट्स एप पर दसवीं के गणित का पेपर भेजा था।  चतरा के एसपी अखिलेश बी वरियर ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें नौ नाबालिग परीक्षार्थी हैं। शेष तीन लोगों में एक निजी कोचिंग स्टडी वीजन का संचालक और उसी कोचिंग के दो शिक्षक शामिल हैं। कोचिंग का संचालक सतीश पांडेय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का जिला संयोजक भी है। गिरफ्तार सभी 9 नाबालिग छात्रों को पुलिस ने हजारीबाग बाल सुधार गृह भेजा है। इसमें दो छात्र बिहार से लाये गये हैं।

एसपी अखिलेश ने प्रेस वार्ता में कहा कि बिहार से लाये गये दोनों छात्रों ने ही चतरा के छात्रों के मोबाईल पर लीक प्रश्न पत्र को भेजा था। प्रश्नपत्र को छात्रों ने शहर के जतराहीबाग में संचालित स्टडी विजन नामक कोचिंग संस्थान के निदेशक सतीश पांडेय, पंकज सिंह और हमेश कुमार से हल कराया था।  इसके बदले तीनों शिक्षकों ने छात्रों से मोटी रकम वसूली थी।

एसपी ने बताया कि एसएसटी व विज्ञान की परीक्षा के दौरान जवाहर नवोदय स्कूल परीक्षा केंद्र पर चार छात्रों को प्रश्नपत्र  और उत्तर के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद स्कूल के हेडमास्टर देवेश नारायण ने सदर थाना में आरोपी छात्रों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी। प्राथमिकी के आधार पर एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने झारखंड और बिहार में छापेमारी अभियान चलाकर इस मामले में संलिप्त युवकों और छात्रों को गिरफ्तार किया। एसआईटी अभी भी मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।

टीम झारखंड बिहार के कई जिलों में अभी भी छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार सभी बच्चे जवाहर नवोदय विद्यालय और डीएवी स्कूल के छात्र हैं। एसपी ने कहा कि बिहार से पकड़े गये छात्रों के पास कहां से लीक प्रश्न पत्र आये, इसकी जांच हो रही है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के झारखंड प्रदेश मंत्री रोशन कुमार सिंह ने कहा है कि कोचिंग संचालक सतीश पांडेय संगठन के जिला संयोजक नहीं हैं। 26-27 फरवरी को हुए प्रांतीय अधिवेशन से पूर्व ही उन्हें इस दायित्व से मुक्त किया जा चुका है।

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