भीम आर्मी ने पहली बार में ही देशवासियों को अपनी एकजुटता का एहसास कराया

राष्ट्रीय समाचार

पटना। भीम आर्मी ने पहली बार में ही देशवासियों को अपनी एकजुटता का एहसास करादिया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। हां किसी पार्टी या संगठन को अवसर की तलाश होती है सो आरक्षण पर कोर्ट के टिप्पणी से मिल गया। पूर्व से घोषित 2अप्रैल के भारत बंद का आह्वान सफल रहा। भले विरोधी पार्टी  इसको आंशिक कहे , लेकिन बंद अभूूूतपूर्व रहा।

उच्चतम न्यायालय के एक आदेेेश के बाद देश में कोर्ट के साथ- साथ केन्द्र सरकार के असहयोगात्मक रवैैया के विरूद्ध एक साथ भूचाल आ गया। बिहार, उत्तर प्रदेश,छत्तीसगढ़, झारखंड , मध्यप्रदेश, पंजाब सहित कई प्रदेशों में आर्मी सेना सड़क पर उतर कर अपने शक्ति का एहसास कराया।

पटना में सड़क पर आगजनी कर रास्ता को अवरुद्ध कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि हम मूल निवासी हैं। अम्बेडकर साहब ने संविधान में जो अधिकार दिया था वह छीनने का काम हो रहा है। जिसे सफल नहीं होने देंंगे। कोर्ट ने SC,ST अत्याचार निवारण कानून 1989 समाप्त कर दिया है तो विरोध हो रहा है।

भीम आर्मी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अमर आजाद ने कहा कि हमाारे संवैधानिक अधिकार को समाप्त किया जा रहा है। अगर मोदी जी हमारे अधिकार को नहीं बचा पाते हैं तो 2019 मे हम सरकार गिरा देंंगे।

पटना की सड़कों पर बंद समर्थक के सामने पुलिस बौनी बनी रही।भीम आर्मी के भारत बंद का असर पूरे बिहार में देखने को मिला। बंद को केन्द्र विरोधी पार्टी के साथ-साथ अप्रत्यक्ष रूप से समर्थित पार्टी का भी सहयोग मिला। जद यू विरोध करने के बजाय शिष्टमंडल के साथ राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन  राज्यपाल को सौंपा। राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वे राष्ट्रपति से SC,ST एक्ट की रक्षा की गुहार लगाऐंगे।

बंदी का असर इतना तगड़ा है कि सडकों पर वाहन नहीं चलने दिया गया। लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। रेल से आए यात्री सवारी के बिना स्टेशन में पडा़व डाले हुए हैं। बच्चे भूख से छटपटा रहे हैं। बाहर होटल एवं फूटपाथ के भी दुकान बंद हैं। छोटे-छोटे बच्चों को सम्हालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्पपष्ट है कि सरकार इस मामले को कैबिनेट में रख कर निर्णनय ले लेती तो बात इतनी आगे नहीं बढ़़ती।

 

 

 

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