आखिर नरक निगम केऽ नारकीय दुर्दशा रो भेंट चढि गेलय साहित्य साधक सुरेन्द्र जैनः गौतम

अंग क्षेत्र की चर्चा

भागलपुर। उम्र केॅ आखिरी पड़ाव मेॅ भी धूप आरू छाँव केॅ परवाह करलेॅ बगैर कभियोॅ अपनोॅ गोर केॅ नै रोकय वाला साहित्य साधक उर्फ टाॅफी चचा सुरेन्द्र जैन आखिर नरक निगम केॅ नारकीय दुर्दशा रोॅ भेंट चढ़ि गेलय।

दरअसल हुनकोॅ घर नाथ नगर कबीरपुर पथ स्थित जैन मंदिर केॅ निकट छेलय आरू एक लंबा समय सेॅ हुनकोॅ घर केॅ आगू नाला केॅ ओवर फ्लोॅ केॅ कारण सड़क पोखर बनि गेलोॅ छै।जेकरा पेॅ सरकार सेॅ लेकेॅ नगर निगम आय तक खाली राजनीति करि रहिलोॅ छैॅ आरू सभ्य-शिक्षित जैन समाज किंकर्तब्यविमूढ़ बनि केॅ अपनोॅ फुटलोॅ किस्मत पेॅ आठ-आठ लोर बहाय केॅ मजबूर छै। दूर-दराज सेॅ ऐलोॅ टूरिस्ट आरू लोग सिनी है नरक केॅ स्थिति आरू पुरनका दानवीर कर्ण रोॅ धरती,सिल्क नगरी आरू नैका स्मार्ट सिटी पेॅ हंसी उड़ाय केॅ लौटी जाय छै।
सुरेन्द्र चचा केॅ गोर केॅ हुनकोॅ उम्र भी नै रोकेॅ पार लकय; ऊ गोर केॅ है नरक निगम रोॅ नरक हालात एकदम्मेॅ रोकी देलकै। गोर रूकलेॅ पेॅ हुनि घर मेॅ ही लड़खड़ाय केॅ गिरी गेलय आरू सब्भेॅ दिन लेलि बिस्तर पकड़ी लेलकय।
अभी कल्हेॅ हुनकोॅ तवियत खराब केॅ खबर सुनि केॅ हुनकोॅ अंतिम दर्शन करै लेलि हुनकोॅ आवास पेॅ सड़क पेॅ ही बनलोॅ पोखड़ किनारा मेॅ मुहल्ला वाला केॅ सहयोग सेॅ बनलोॅ पगडंडी पेॅ धीरे-धीरेॅ चली केॅ डॉ.अमरेन्द्र केॅ साथेॅ हम्मेॅ,महेन्द्र मयंक आरू डॉ.साम्बे जी गेलोॅ रहियेॅ ।सुरेन्द्र चचा अचेत अवस्था मेॅ पलटी केॅ सुतलोॅ छेलै। है पहलोॅ मौका छेलै जबेॅ साहित्य साधक सुरेन्द्र चचा केॅ करीब रहलेॅ केॅ बाद भी हुनकोॅ हाथ सेॅ टाॅफी नै मिललोॅ छेलै।
आय हुनकोॅ महाप्रयान केॅ खबर सेॅ हम्मेॅ मर्माहत छियय।अपनोॅ है दुख केॅ समेटतेॅ हुअॅ हुनको दिब्य आत्मा केॅ शांति लेलि प्रभू भोलेनाथ सेॅ प्रार्थना करै छियय आरू बचन दै छियय कि हुनकोॅ आदर्श आरू व्यक्तित्व केॅ खुद मेॅ उतारय रोॅ पूरा कोशिश करबय। हम्मेॅ अभियोॅ नगर निगम आरू जिला प्रशासन सेॅ अनुरोध करै छियय कि हुनि है नारकीय हालात केॅ दशा-दुर्दशा मेॅ सुधार लेलि सकारात्मक पहल करय नै तेॅ ऐन्हेॅ करि केॅ केत्तेॅ सुरेन्द्र जैन है नरक केॅ भेंट चढ़ि जैतय।

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