बिहार मंत्रिपरिषद् ने 21 एजेंडों पर लगाई मुहर

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पटना। आज संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रधान सचिव, अरूण कुमार सिंह ने बताया कि आज की बैठक में मंत्रिपरिषद ने 21 एजेंडों पर मुहर लगाई हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावासों में अध्ययनरत या आवासीत छात्र या छात्राओं को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक करने एवं उच्च शिक्षा दर में वृद्धि करने के उद्देश्य से प्रतिमाह 1,000/-(एक हजार) रूपये अनुदान प्रदान करने संबंधी स्वीकृति दी गई है। इस योजना के विषय में प्रधान सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण  विभाग आमीर सुबहानी ने विस्तार से जानकारी देते हुए  बताया कि फिलहाल 33 छात्रावास कार्यरत हैं, 4 निर्माणाधीन है तथा 11 का प्रस्ताव बढ़ा हुआ है। अभी 33 कार्यरत छात्रावासों में 3350 छात्र और छात्रा रहते है तथा आगे सभी छात्रावासों के निर्माणोंपरान्त 5440 छात्र एवं छात्राओं की संख्या अनुमानित है। अल्पसख्यक कल्याण विभाग के ही तहत एक अन्य योजना की स्वीकृति के संबंध में श्री सुबहानी ने बताया कि ‘‘मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास अनुदान योजना’’ की स्वीकृति तथा अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिभावान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ‘‘बिहार राज्य अल्पसंख्यक  आवासीय विद्यालय योजना’’ एवं योजना की मार्ग-निर्देशिका की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें कक्षा 9,10,11,12 के लिए आवासीय विद्यालयों में आटर्स, साइंस कॉमर्स तथा वोकेशनल कोर्सेज की पढ़ाई होगी जिसके लिए प्रवेष प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर भर्ती होगी। सभी कार्य संचालन हेतु एक संचालन समिति भी गठित होगी।

आगे प्रधान सचिव कैबिनेट श्री सिंह ने बताया कि उद्योग विभाग के तहत राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के युवा एवं युवतियों को सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित करने के लिये मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 के अन्तर्गत इस योजना हेतु प्रोत्साहन राशि रू० 102.50 करोड़ (एक सौ दो करोड़ पचास लाख रूपये) की विमुक्ति की स्वीकृति प्रदान की गई।  पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत ‘‘मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना’’ के अन्तर्गत बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा आयोजित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा (PT) में उतीर्ण होने वाले अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को अग्रेत्तर तैयारी हेतु एकमुश्त रू० 50,000/-(पचास हजार रू०) तथा संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा (PT) में उतीर्ण होने वाले अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को एकमुश्त रू० 1,00,000/-(एक लाख रू०) का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है। इस संदर्भ में पिछड़ा/अति पिछड़ा कल्याण सचिव प्रेम सिंह मीणा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि औसतन 2100 विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर इसके लिए 11.5 करोड़ रु0 प्रावधानित हैं। आगे पिछड़ा या अति पिछड़ा के लिए ही एक अन्य योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ‘‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना’’ के अन्तर्गत पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र   छात्राओं को प्रति छात्र-छात्रा 1000/-(एक हजार रू०) प्रतिमाह की दर से छात्रावास अनुदान का लाभ देने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए फिलहाल 33 छात्राओं में आवासित 3200 छात्रों हेतु 3 करोड़ 94 लाख रु0 आकलित है। सामान्य प्रशासन विभाग के तहत बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत् तत्काल सेवा के लिए संविदा के आधार पर नियोजित कार्यपालक सहायक के 534 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई। गृह विभाग के अंतर्गत राज्य या जिलास्तर पर 74 साइबर क्राइम सोषल मीडिया यूनिट के गठन की जानकारी दी गई जिसमें (आरक्षी शाखा) के तहत थाना स्तर पर विधि व्यवस्था एवं अनुसंधान शाखा के अलग-अलग गठन हेतु पुलिस अवर निरीक्षक के 5244 पद एवं सहायक पुलिस अवर निरीक्षक के 2603 पदों के सृजन की स्वीकृति  तथा राज्य या जिला स्तर पर साईबर क्राईम एवं सोशल मीडिया के 74 यूनिट (CCSMU) के गठन हेतु पुलिस निरीक्षक के 74, प्रोग्रामर के 74, पुलिस अवर निरीक्षक के 222, सिपाही (डाटा सहायक) के 222 एवं सिपाही के 148 पद सहित कुल 740 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (भू-अर्जन निदेशालय) के तहत भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 के अध्याय- II में वर्णित प्रावधानों के अनुसार भूमि अधिग्रहण के मामलों में सर्वप्रथम  सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) अध्ययन कार्य हेतु आवश्यकतानुसार संस्थानों के चयन का अधिकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को प्रत्यायोजित (Delegate) करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

जल संसाधन विभाग के अधीन बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केन्द्र (FMISC), पटना के विश्व बैंक द्वारा सम्पोषित बिहार कोसी बेसिन विकास परियोजना अन्तर्गत उत्कृष्टता केन्द्र (Centre of Excellence) के तहत स्थापित किये गये गणितीय प्रतिमान केन्द्र (Mathematical Modelling Centre) के लिए आवश्यकता आधारित तकनीकी पदों के पदसृजन की स्वीकृति की स्वीकृति प्रदान की गई। वित्त विभाग अन्तर्गत बिहार निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन अवर निरीक्षक, उत्पाद का संवर्गीय नियमावली अधिसूचित होने के माह फरवरी, 2014 से वेतनमान संशोधित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग के तहत                डा० (श्रीमती) स्निग्धा सिन्हा, चिकित्सा पदाधिकारी, रेफरल अस्पताल धमदाहा, पूर्णियाँ को लगातार अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति के लिये बिहार सेवा संहिता के नियम 76 के तहत सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की गई। शिक्षा विभाग के तहत ‘‘बिहार राजकीयकृत माध्यमिक विद्यालय (सेवा शर्त्त) (संशोधन) नियमावली, 2018’’ की स्वीकृति प्रदान की गई। नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत भारत सरकार के नमामि गंगे योजनान्तर्गत हाजीपुर शहर में Sewerage Network एवं STP कार्य को पूर्ण करने हेतु पुनरीक्षित परियोजना लागत सेंटेज सहित रू०31244.0486 लाख (तीन अरब बारह करोड़ चौवालिस लाख चार हजार आठ सौ साठ रू० मात्र) में से केन्द्रांश के रूप में रू० 21363.202 लाख (दो अरब तेरह करोड़ तिरसठ लाख बीस हजार दो सौ रू० मात्र) तथा राज्यांश के रूप में सेंटेज सहित कुल रू० 9880.8466 लाख (अन्ठानवे करोड़ अस्सी लाख चौरासी हजार छः सौ साठ रू० मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति तथा भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत 100% अनुमानित लागत कुल रू० 836.44 करोड़ (आठ सौ छत्तीस करोड़ चौबालीस लाख मात्र) के व्यय पर पटना शहर के दीघा जोन में  Sewerage Network एवं Sewage Treatment Plant के निर्माण हेतु जिसमें केन्द्रांश के रूप में स्वीकृत राशि 824.00 करोड़ रूपये (आठ सौ चौबीस करोड़ मात्र) पर सहमति तथा इस योजना में  राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वयन एजेंसी को भुगतान हेतु सेंटेज की राशि कुल 12.44 करोड़ रू० (बारह करोड़ चौबालीस लाख मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

उन्होंने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत भारत सरकार के नमामि गंगे योजनान्तर्गत बेगूसराय शहर में Sewerage Network एवं STP कार्य को पूर्ण करने हेतु पुनरीक्षित परियोजना लागत सेंटेज सहित रू० 23656.06 लाख (दो अरब छत्तीस करोड़ छप्पन लाख छह हजार रू० मात्र) में से केन्द्रांश के रूप में रू० 16104.207 लाख (एक अरब एकसठ करोड़ चार लाख बीस हजार सात सौ रू० मात्र) तथा राज्यांश के रूप में सेंटेज सहित कुल रू० 7551.853 लाख (पचहत्तर करोड़ इक्यावन लाख पचासी हजार तीन सौ रू० मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति, पटना नगर निगम अंतर्गत नूतन राजधानी अंचल एवं पटना सिटी अंचल को दो-दो भागों में विभक्त करते हुए क्रमशः पाटलिपुत्रा एवं अजीमाबाद नामक 02 नये अंचल के गठन की स्वीकृति एवं भारत सरकार के नमामि गंगे योजनान्तर्गत मुँगेर शहर में  Sewerage Network एवं STP कार्य को पूर्ण करने हेतु पुनरीक्षित परियोजना लागत सेंटेज सहित रू० 30116.19 लाख (तीन अरब एक करोड़ सोलह लाख उन्नीस हजार रू० मात्र) में से केन्द्रांश के रूप में रू० 20581.519 लाख (दो अरब पांच करोड़ एकासी लाख एकावन हजार नौ सौ रू० मात्र) तथा राज्यांश के रूप में सेंटेज सहित कुल रू० 9534.671 लाख (पंचानवे करोड़ चौंतीस लाख सरसठ हजार एक सौ रू० मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति तथा भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत 100% अनुमानित लागत कुल रू० 260.871 करोड़ रूपये (दो सौ साठ करोड़ सत्तासी लाख दस हजार रू० मात्र) के व्यय पर भागलपुर शहर में Interception & Diversion एवं STP परियोजना के निर्माण हेतु जिसमें केन्द्रांश के रूप में स्वीकृत राशि 254.13 करोड़ रूपये (दो सौ चौवन करोड़ तेरह लाख रू० मात्र) पर सहमति तथा इस योजना में राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वयन एजेंसी को भुगतान हेतु सेंटेज की राशि कुल 6.741 करोड़ रू० (छः करोड़ चौहत्तर लाख दस हजार रू० मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति  प्रदान की गई। नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना अंतर्गत 100% अनुमानित लागत कुल रू० 588.8786 करोड़ (पाँच सौ अट्ठासी करोड़ सतासी लाख छियासी हजार मात्र) रूपये के व्यय पर पटना शहर के कंकड़बाग जोन में Sewerage Network एवं Sewage Treatment Plant के निर्माण हेतु जिसमें केन्द्रांश के रूप में स्वीकृत राशि   578.89 करोड़ रूपये (पाँच सौ अठ्हत्तर करोड़ नवासी लाख मात्र) पर सहमति तथा इस योजना में राज्य सरकार की ओर से कार्यान्वयन एजेंसी को सेंटेज की राशि कुल 9.9886 करोड़ रू० (नौ करोड़ अन्ठानवे लाख छियासी हजार मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रधान सचिव ने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत केन्द्र प्रायोजित Smart City Mission योजना के अन्तर्गत भागलपुर, पटना एवं मुजफ्फरपुर शहर में Smart City योजना के क्रियान्वयन हेतु गठित SPV कम्पनी के अंतर्गत संविदा के आधार पर नियोजन हेतु विभिन्न पदों की सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई।

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