‘छात्राएँ मेहनत से पढ़े और खूब आगे बढ़ें’-राज्यपाल

शिक्षा

पटना। मेहनत के साथ पढि़ये और खूब आगे बढि़ये। शिक्षा के बल पर नारियाँ अपने हर तरह के शोषण का प्रतिकार कर सकती हैं। दौलत, बँगले,  पति के ओहदे और रसूख -ये सारी चीजें महत्त्वहीन हैं। शिक्षा के बल पर ही नारियों का वास्तविक सशक्तीकरण हो सकता है। उक्त उद्गार राज्यपाल-सह-कुलाधिपति सत्य पाल मलिक ने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अधीन स्थानीय गंगा देवी महिला महाविद्यालय के परिसर में नवनिर्मित शिवनंदन महिला छात्रावास भवन का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये।

महिला छात्रावास भवन का उद्घाटन

राज्यपाल ने कहा कि लड़कियाँ सामाजिक मान-मूल्यों और मर्यादाओं का ज्यादा सख्ती से परिपालन करती हैं। उनमें ईमानदारी और कर्त्तव्यनिष्ठा ज्यादा होती है। वे आज ज्ञान-विज्ञान, खेलकूद, कला संस्कृति आदि -हर क्षेत्र में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। नालंदा खुला विश्वविद्यालय सहित राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में भी दो तिहाई स्वर्णपदक उन्हें ही मिल रहे हैं।

श्री मलिक ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय परिसरों में छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। कुलाधिपति कार्यालय ऐसे मामलों में कठोर निर्णय लेगा।

राज्यपाल ने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा की कमजोर हालत से कई बुद्धिजीवियों ने मुझे मिलकर अवगत कराया था। फलतः सुधार-प्रयासों को तेजी से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव जीतकर आये छात्रनेता भी विश्वविद्यालयों को अपने सकारात्मक सुझावों एवं कुशल नेतृत्व से लाभान्वित करेंगे।

महिला छात्रावास भवन का उद्घाटन 1

राज्यपाल ने कहा कि ऐकेडमिक एवं परीक्षा कैलेण्डर के कार्यान्वयन, आधुनिक जरूरतों के मुताबिक नये पाठ्यक्रम को लागू करना, विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में वाशरूम एवं गर्ल्स कॉमन रूम तैयार करना, शिक्षक-छात्रों की बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराना, च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करना आदि कार्य तत्परतापूर्वक कराये जा रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि कोई भी मुल्क तालीम की ताकत से ही तरक्की करता है। अमेरिका की विदेश सचिव कॉन्डोलिजा राइस का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि लिबिया के शासक कर्नल गद्दाफी ने अपनी डायरी में लिखा था कि अमेरिका की वास्तविक ताकत उसकी महिला विदेश सचिव में निहित थी तथा उस महिला अधिकारी की वास्तविक ताकत का आधार उसे हासिल तालीम थी। राज्यपाल ने कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान भी ब्रिटीश प्रधानमंत्री ने अपने बजट में शिक्षा मद में राशि में कटौती नहीं की थी। उनकी मान्यता थी कि इमारतों, पुल-पुलियों, सड़कों आदि का निर्माण तो कुछ दिनों के लिए स्थगित हो सकता है, परन्तु शिक्षा-बजट में कटौती होने पर एक पूरी पीढ़ी कुप्रभावित हो जाती है।

महिला छात्रावास भवन का उद्घाटन 2

कार्यक्रम में बोलते हुए शिक्षामंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा ने कहा कि कुलाधिपति के मार्ग-निर्देशन और दिलचस्पी के कारण उच्च शिक्षा के विकास-प्रयासों में उत्साहवर्द्धक गति आ गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के विकास हेतु दृढ़संकल्पित है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति गुलाब चन्द राम जायसवाल ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों एवं इसके अधीन सभी कॉलेजों को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जायेगा। कार्यक्रम में स्वागत-भाषण महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ॰ श्यामा राय तथा धन्यवाद ज्ञापन पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति गिरीश कुमार चौधरी ने किया। कार्यक्रम में कॉलेज की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गये।

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