मुख्यमंत्री नीतीश को घेरने की तैयारी

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सम्मान और स्वाभिमान सम्मेलन के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरने की तैयारी

कुणाल/संजय
शेखपुरा। कुर्मी और धानुक समुदाय के लोग अपने सम्मान और स्वाभिमान को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरने की तैयारी में जुट गए है। 2 नवंबर को पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में सम्मान और स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में नीतीश कुमार के जातीय वोट धानुक -कुर्मी को तोड़ने की बड़ी कवायद होगी।

 

इसकी जानकारी देते हुए धानुक कुर्मी चेतना मंच के संयोजक जितेंद्र नाथ ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि अपनी सरकार में अपना मुखिया नीतीश कुमार के होते हुए भी धानुक और कुर्मी की 14 परसेंट आबादी वाला जात बुरी तरह से पीड़ित और प्रभावित है। जबकि इतना ही परसेंट आबादी वाला सवर्ण लोग इससे पूरी तरह से लाभान्वित है।
उन्होंने खुलकर बोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार धानुक और कुर्मी को बंधुआ वोट जात के नाम पर मान रखा है। आखिर वोट के समय लोग इधर-उधर जरूर रहते हैं लेकिन अंत में नीतीश कुमार को ही वोट डाल देते हैं। आखिर करे तो क्या। इतना ही नहीं बहुत सारे इस समुदाय के ऐसे अधिकारी हैं जिन्हे पोस्टिंग में पीछे धकेल कर रखा जाता है। वही सवर्ण वर्ग के अधिकारी को मनचाही पोस्टिंग देकर लाभान्वित किया जाता है। ऐसा इसलिए कि कुर्मी और धानुक समुदाय तो इनके अपने हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अधिकारी भी पीड़ित हैं। जबकि कुर्मी और धानुक समुदाय के अधिकारी को आगे रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौर फरमाइए कि 14 परसेंट कथित आबादी सवर्णों की मानी जाती है। केंद्र सरकार में 40 सीट में 15 सीटें उन्हें मिलती है इतना ही आबादी कुर्मी और धनुक की मानी जाती है तो उन्हें नगण्य सीटें मिलती है। इतना ही नहीं विधानसभा में देख लीजिए कि कैबिनेट में सवर्ण से 7 प्लस वन है लेकिन कैबिनेट में धानुक और कुर्मी की जगह मात्र दो है। ऐसी स्थिति में जितेंद्र नाथ ने कहा कि दिशा और दशा को तय करने के लिए 2 नवंबर को कृष्ण मेमोरियल हॉल पटना में धानुक और कुर्मी समुदाय के द्वारा सम्मान और स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन किया गया है।

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