मां शारदे के दरबार में विद्यार्थियों ने किया पूजा-अर्चना

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बड़हिया (लखीसराय)/संवाददाता। एक जमाना था कि विद्यार्थियों को ज्ञान देने वाली मां सरस्वती की प्रतिमा ज्ञान के मंदिर पाठशाला में बिठाई जाती थी। जिसमें गुरू जी छोटे बच्चों को खल्ली देते थे। वहीं छात्र-छात्राएं गुरूजी के निगरानी में पूजा अर्चना करते थे। लेकिन सरकारी विद्यालयों में अब यह नहीं के बराबर देखने को मिलता है। वहीं निजी विद्यालयों में परंपरा बरकार है। इसके अलावा सबसे अधिक गली-सड़कों पर प्रतिमा की पूजा देखने को मिलती है। जिले के बड़हिया नगर पंचायत एवं 9 पंचायतों में लगभग पांच सौ से अधिक प्रतिमा बैठाई गईं है। साथ ही दैवीय प्रतिमा बैठाकर विद्वान पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां शारदे की प्रतिमा का पट खुला। पट खुलते ही विद्यार्थियों पूजन के लिए उमड़ पड़े और धूप-कर्पूर अगरबत्ती के साथ मां शारदे की पूजा-अर्चना की। वहीं छात्रों ने बीणा वादनी का गंगनचुम्बी जयकारा लगाया। जिन स्थानों पर धूमधाम से सरस्वती पूजा मनाया गया उनमें प्राथमिक विद्यालय तहदीया, इंग्लिश, तार-तार, घनराज टोला पाकर, एसटीएस आदि प्रमुख हैं। तहदिया में युवा क्लब द्वारा प्रतिमा बैठाई गई। जिसमें अहम भूमिका में पंचायत मुखिया मेघना महतो, आजाद, बलदेव, आकाश, राघवेन्द्र, अनुज आदि प्रमुख हैं।