शर्मनाक! शहीदों के शहादत के बीच खरीक थाना में उत्सव 

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भागलपुर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में बीते 14 तारीख की घटना को देश के लिए काला दिन के तौर पर देखा जाएगा। यह दिन देश के 42 फौजी भाइयों के शहादत को कभी भुला नहीं पाएगा। देश की हर एक आंख नम व गमगीन है। किसी मां का लाल, किसी बहन का भाई तो किसी पत्नी का सुहाग उजड़ गया। देश का हर तबका इसे सिर्फ बदले की भावना से देख रहा है। शहादत को लेकर पूरे देश में शोक की लहर है। कैंडिल मार्च से लेकर गुस्साए लोगों द्वारा पाकिस्तान विरोधी नारे भी लगाए जा रहे। दुखद पहलू यह है कि इस आतंकी हमले में भागलपुर जिले के अमदंडा थानाक्षेत्र के ग्राम रतनपुर निवासी रामनिरंजन ठाकुर के पुत्र रतन ठाकुर भी शहीद हुए हैं। आपको बता दें कि शहीद रतन ठाकुर तो देश के लिए कुर्बान हो गए। लेकिन इस शहादत का मलाल हमारे जिला नवगछिया पुलिस मुख्यालय खरीक थाना को नहीं ह। यह कितना शर्मनाक है कि नवगछिया पुलिस मुख्यालय का खरीक थाना, स्थापना दिवस के जश्न की तैयारियों में जुटा है। पूरा थाना परिसर का रंग-रोगन, टेंट-तिरपाल, कुर्सी-टेबल व तिरंगे गुब्बारे से आकर्षक तोरणद्वार तक बनाए गए हैं। क्षेत्र के गणमान्य, बुद्धिजीवियों के साथ जिला प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारियों के आने की तैयारी थी।

इसको लेकर जब सन्मार्ग के संवाददाता ने नवगछिया पुलिस जिले एसपी निधि रानी से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि वे बेगूसराय में हैं। साथ ही उन्होंने दो टूक जबाब दिया कि सामाजिक व ग्रामीण लोगों द्वारा स्थापना दिवस मनाया जाता है हर वर्ष,  जो इस वर्ष भी मनाया जा रहा है। वहीं जोन के पुलिस महानिरीक्षक विनोद कुमार भी इस स्थापना दिवस को लेकर अनभिज्ञ दिखे। विडम्बना यह है कि जोन के पुलिस महानिरीक्षक तक को इस मनाये जानेवाले स्थापना दिवस की सूचना तक नहीं है।

चिता की आग तो ठंडी होने देते

पुलिस की तरह सीआरपीएफ भी केंद्र का सुरक्षा बल है। एक ओर इसी महकमे के जवानों की की चिता की आग अभी ठंडी नहीं हुई, दूसरी ओर इसी महकमे के हमारे क्षेत्रीय बलों द्वारा जश्न की तैयारियों में डूबा देखा गया। अब सवाल है की कैसी संवेदनशील है हमारी पुलिस। क्या खरीक थाने को भागलपुर के सपूत रतन ठाकुर की शहादत की भी सूचना नहीं है। रतन ठाकुर की शनिवार को ही कहलगांव में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। इसमें पूरा जिला प्रशासन मौजूद था। जिन्हें अपने ही सपूत, अपने ही भाइयों के शहादत का मलाल तक नहीं है, उनसे और उम्मीद ही क्या की जा सकती है। और कैसे हैं हमारे पुलिस महकमे के आलाकमान, जिन्होंने इस तरह के इवेंट्स की इजाजत दे दी। हालांकि जोन के पुलिस महानिरीक्षक को इस इवेंट्स की सूचना तक नहीं थी।

क्या बोलीं एसपी

इस संबंध में नवगछिया की एसपी निधि रानी से बात करने पर उन्होंने कहा-खरीक थाने का स्थापना दिवस है। शायद ग्रामीणों की तरफ से मनाया जा रहा है। मैं तो नहीं जा रहीं हूं। इस मामले में मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।