दूधनाथ सिंह

काशीनाथ सिंह, प्रसिद्ध कथाकार दूधनाथ मेरे लिए ही नहीं, समूचे हिंदी साहित्य के लिए लंबे अरसे से इलाहाबाद का आकर्षण था। वह आकर्षण आज खत्म हो गया। मैं दो महीने से पुडुचेरी में हूं। इलाहाबाद में नहीं हूूं। मुझ पर क्या गुजर रही है, मैं ही जानता हूं। मैं यहां बहुत दूर हूं, लेकिन मेरी […]

Continue Reading

सत्ता पर हिटलर बैठा है

बात मन रही नौकरशाहों की जनता दिनों दिन पिस रही देखो कैसी बेबस होकर भारत माता कपोल घिस रही आलाकमान की फरमानें हैं पता नहीं क्या कर बैठा है सत्ता पर हिटलर बैठा है! मंत्री-संतरी एक हो गए पीठ सटाकर वही खड़े हैं लूट-खसोट का राज चल रहा जो विरोध में, वही पड़े हैं लहूलुहान […]

Continue Reading